हालात ने कुछ ऐसी करवट बदली थी कि विमल को अपने जीवन के उद्देश्य और अस्तित्व पे ही सवालिया चिन्ह नजर आया । लेकिन उसके प्रारब्ध को शायद कुछ और ही मंजूर था । जीना यहां मरना यहां इसके सिवा जाना कहां!
Chehre Pe Chehra (Vimal Book 17) (Hindi Edition)
✍ Scribed by Pathak, Surender Mohan
- Year
- 1987
- Tongue
- Hindi
- Weight
- 103 KB
- Series
- विमल #१७
- Category
- Fiction
- ASIN
- B0859NNZRM
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✦ Synopsis
सरदार सुरेन्द्र सिंह सोहल के चेहरे पर चढा नया चेहरा ब्लास्ट के चीफ रिपोर्टर सुनील को समर्पित । आखिर वो सुनील ही था जिसने सोहल को नयी जिंदगी दी थी ।
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