हालात ने कुछ ऐसी करवट बदली थी कि विमल को अपने जीवन के उद्देश्य और अस्तित्व पे ही सवालिया चिन्ह नजर आया । लेकिन उसके प्रारब्ध को शायद कुछ और ही मंजूर था । जीना यहां मरना यहां इसके सिवा जाना कहां!
Khabardar Shahri (Vimal Book 22) (Hindi Edition)
✍ Scribed by Pathak, Surender Mohan
- Year
- 1992
- Tongue
- Hindi
- Weight
- 128 KB
- Series
- विमल #२२
- Category
- Fiction
- ASIN
- B0859TQ7TR
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✦ Synopsis
अपने अंजाम से बेखबर जहाज के पंछी ने जब खबरदार शहरी बन कर पूरे शहर का मुहाफिज बन दिखाया तो जैसे एक जलजला सा आ गया, जिससे शहर का कोई भी बाशिंदा अछूता ना रह पाया ।
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