हालात ने कुछ ऐसी करवट बदली थी कि विमल को अपने जीवन के उद्देश्य और अस्तित्व पे ही सवालिया चिन्ह नजर आया । लेकिन उसके प्रारब्ध को शायद कुछ और ही मंजूर था । जीना यहां मरना यहां इसके सिवा जाना कहां!
Chaandal Chaukadi (Vimal Book 33) (Hindi Edition)
✍ Scribed by Pathak, Surender Mohan
- Year
- 2001
- Tongue
- Hindi
- Weight
- 111 KB
- Series
- विमल #३३
- Category
- Fiction
- ASIN
- B085C5WCXY
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✦ Synopsis
"उसके सिर पर दशमेश पिता का हाथ है । वो काल पर फतह पाया, पीर-पैगम्बरों जैसी सलाहियात वाला मायावी है । उसके हजार हाथ हैं । वो अकेला ही सवा लाख है ।"
ये थे विमल के दुश्मनों के उसके प्रति उद्गार
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