हालात ने कुछ ऐसी करवट बदली थी कि विमल को अपने जीवन के उद्देश्य और अस्तित्व पे ही सवालिया चिन्ह नजर आया । लेकिन उसके प्रारब्ध को शायद कुछ और ही मंजूर था । जीना यहां मरना यहां इसके सिवा जाना कहां!
Laal Nishaan (Vimal Book 40) (Hindi Edition)
✍ Scribed by Pathak, Surender Mohan
- Year
- 2011
- Tongue
- Hindi
- Weight
- 158 KB
- Series
- विमल #४०
- Category
- Fiction
- ASIN
- B085DN775Z
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✦ Synopsis
जिंदगी उसी का साथ देती है जिसको जिंदगी का मोह न सताता हो । जो मौत से पंजा को सदा तैयार रहता हो ।
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