तरक्की करने की नीयत से घर से निकली एक नौजवान लड़की की कहानी जो सीढ़ी दर सीढ़ी पतन के गर्त में गिरती चली गयी ।
जादूगरनी (सुनील 87)
✍ Scribed by पाठक, सुरेन्द्र_मोहन
- Book ID
- 110610822
- Year
- 1983
- Tongue
- Hindi
- Weight
- 133 KB
- Series
- सुनील #८७
- Category
- Fiction
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✦ Synopsis
वो एक नामुराद औरत थी ! उसके एक बार नमूदार होते ही तबाही बरपा गयी थी ! वो कुछ भी कर सकती थी ! वो जादूगरनी थी ! एक अविस्मरणीय किरदार की अविस्मरणीय कहानी !
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एक ऐसी रात की कहानी जिसकी शहर के बड़े इज्जतदार और सम्भ्रान्त लोग लीपापोती करने की कोशिश कर रहे थे ।
वो एक वहशी दरिन्दा था जिसे कि कई खूबसूरत नौजवान लड़कियों की नृशंस हत्याओं के लिये जिम्मेदार ठहराया भी चुका था । अब वो फरार था तो क्या नया दिन नयी लाश का सिलसिला फिर शुरू होने वाला था ?
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