वो हालात की भंवर मे फँसा एक मासूम इंसान था. जिसे जिंदगी की चाहत से ज़्यादा अपनो की फ़िक्र थी और जब अपनो पर आने वाली मुसीबत की उसने कल्पना की तो उसे उन्हे बचाने की सिर्फ़ एक ही राह नज़र आई और उसने दे दी.... अपने कत्ल की सुपारी
टीपू सुलतान की डायरी
✍ Scribed by सुरेंद्र मोहन पाठक
- Book ID
- 110578199
- Tongue
- Hindi
- Weight
- 3 MB
- Series
- लघु कथा संग्रह ०२
- Category
- Fiction
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हर कातिल की कोशिश होती है कि उसे कत्ल करते हुए कोई ना देख पाये । लेकिन इस कत्ल को स्टेडियम में बैठे हजारों दर्शकों ने देखा था जिनमें कि सुनील भी शामिल था ! लेकिन फिर भी किसी को नहीं मालूम था का कि कत्ल किसने किया था ?
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