सिर्फ सनसनी फैलाने के लिये सुनील द्वारा छपाई गई एक मामूली खबर ने एक युवती को कई पार्टियों के आकर्षण का केंद्र बना दिया ! और अब हर पार्टी का केवल एक ही मकसद था - युवती का खात्मा या उस पर कब्जा ।
मौत की छाया (सुनील 53)
✍ Scribed by पाठक, सुरेन्द्र_मोहन
- Book ID
- 110578193
- Year
- 1975
- Tongue
- Hindi
- Weight
- 52 KB
- Series
- सुनील #५३
- Category
- Fiction
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✦ Synopsis
सुनील जानता था कि वह सीधा-सादा केस नहीं हो सकता था । वो ऐसा कोई केस था तो फिर उस खबर को अखबार वालों की पहुंच से बाहर रखने की कोशिश किसलिये ? और उस कोशिश में पुलिस की शिरकत किसलिये ?
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