विमल का संकल्प था कि दिल्ली जा कर बीवी-बच्चे के साथ एक साधारण ग्रहस्थ बन कर रहेगा, अपने हाहाकारी अतीत को हमेशा के लिए भुला देगा, लेकिन दो महीने बाद ही तूफ़ान से पहले की शांति की तरह एक रोज ऐसा अंधड़ उठा के वो उसके साथ तिनके की तरह उड़ता चला गया और जब होश आया तो खुद को वहां पाया जहाँ न होने का उसका संकल
Din Dahare Dakaiti (Vimal Book 8) (Hindi Edition)
✍ Scribed by Pathak, Surender Mohan
- Year
- 1980
- Tongue
- Hindi
- Weight
- 100 KB
- Series
- विमल #०८
- Edition
- 2020
- Category
- Fiction
- ASIN
- B084Z6G9ZR
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✦ Synopsis
एक ऐसी डकैती की तेजरफ्तार कहानी जिसने समाज के स्थापित आदर्शों, और मान्यताओं के प्रति विमल का नजरिया ही बदल डाला ।
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