𝔖 Bobbio Scriptorium
✦   LIBER   ✦

Main Aparadhi Janm Ka/मैं अपराधी जन्म का (Hindi Edition)

✍ Scribed by पाठक, सुरेन्द्र मोहन


Publisher
Penguin Random House India Private Limited
Year
2021
Tongue
Hindi
Weight
242 KB
Series
विमल #४५
Category
Fiction
ISBN
9391149111
ASIN
B095PVC836

No coin nor oath required. For personal study only.

✦ Synopsis


वो मर्द नहीं जो डर जाए, माहौल के ख़ूनी मंज़र से, उस हाल में जीना लाज़िम है, जिस हाल में जीना मुश्किल है। “वक्त बड़े-बड़े ग़म भुला देता है,” ऐसा न हो तो जीना जहन्नुम बन जाए; हर कोई जीते-जी मर जाए; फिर न भूल कि तू सोहल है; वो सोहल है; जिसका नाम सुनकर दुश्मन काँप जाते हैं; तू सामने पड़ जाए; तो कलेजा थाम लेते हैं; कि अगली बार; दिल पता नहीं धड़केगा या नहीं।


📜 SIMILAR VOLUMES


Kaala Naag/काला नाग (Hindi Edition)
✍ पाठक, सुरेन्द्र मोहन 📂 Fiction 📅 2019 🏛 Penguin Random House India Private Limited 🌐 Hindi ⚖ 195 KB 👁 1 views

वह एक पुलिस अफ़सर था। एक थाने का थाना प्रभारी जो ज़ाती रंजिश के तहत अपने मातहत ऑफिसर के पीछे पड़ा हुआ था। उसके पंगेजी मिजाज़ का ये आलम था कि वो खुद को ‘काला नाग’ कहता था जिसका काटा पानी नहीं मांगता था ।

माया: Maya (Marathi Edition)
✍ विक्रम भागवत, Vikram Bhagwat 📂 Fiction 📅 2020 🏛 Self Published 🌐 mr-IN ⚖ 92 KB
आखिरी मकसद
✍ सुरेन्द्र मोहन पाठक 📂 Fiction 📅 1990 🌐 Hindi ⚖ 126 KB

कहते हैं दुनिया में हर किसी का कहीं न कहीं कोई न कोई डबल होता है । सुधीर कोहली की बदकिस्मती से उसका डबल दिल्ली में ही निकल आया । दोनों में से एक का मरना लाजमी था ।

Zameer Ka Qaidi (Hindi Edition)
✍ Pathak, Surender Mohan 📂 Fiction 📅 2005 🏛 HarperCollins Publishers India 🌐 Hindi ⚖ 219 KB

वो एक दोस्त था जिसने विमल से नहीं उसके जमीर से एक फरियाद की । एक दोस्त की पुकार पे अपनी जान हथेली पे लेकर निकल पड़े सोहल की हाहाकारी कहानी ।