वो मर्द नहीं जो डर जाए, माहौल के ख़ूनी मंज़र से, उस हाल में जीना लाज़िम है, जिस हाल में जीना मुश्किल है। “वक्त बड़े-बड़े ग़म भुला देता है,” ऐसा न हो तो जीना जहन्नुम बन जाए; हर कोई जीते-जी मर जाए; फिर न भूल कि तू सोहल है; वो सोहल है; जिसका नाम सुनकर दुश्मन काँप जाते हैं; तू सामने पड़ जाए; तो कलेजा था
मैं मन हूँ: Main Mann Hoon (Hindi Edition)
✍ Scribed by Deep trivedi
- Publisher
- Deep trivedi
- Year
- 2016
- Tongue
- Hindi
- Weight
- 157 KB
- Edition
- Second
- Category
- Fiction
- ISBN
- 9384850136
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