𝔖 Bobbio Scriptorium
✦   LIBER   ✦

आखिरी मकसद

✍ Scribed by सुरेन्द्र मोहन पाठक


Year
1990
Tongue
Hindi
Weight
126 KB
Series
सुधीर #०८
Category
Fiction

No coin nor oath required. For personal study only.

✦ Synopsis


कहते हैं दुनिया में हर किसी का कहीं न कहीं कोई न कोई डबल होता है । सुधीर कोहली की बदकिस्मती से उसका डबल दिल्ली में ही निकल आया । दोनों में से एक का मरना लाजमी था ।


📜 SIMILAR VOLUMES


Main Aparadhi Janm Ka/मैं अपराधी जन्म का
✍ पाठक, सुरेन्द्र मोहन 📂 Fiction 📅 2021 🏛 Penguin Random House India Private Limited 🌐 Hindi ⚖ 242 KB 👁 1 views

वो मर्द नहीं जो डर जाए, माहौल के ख़ूनी मंज़र से, उस हाल में जीना लाज़िम है, जिस हाल में जीना मुश्किल है। “वक्त बड़े-बड़े ग़म भुला देता है,” ऐसा न हो तो जीना जहन्नुम बन जाए; हर कोई जीते-जी मर जाए; फिर न भूल कि तू सोहल है; वो सोहल है; जिसका नाम सुनकर दुश्मन काँप जाते हैं; तू सामने पड़ जाए; तो कलेजा था

Eidgah (ईदगाह)
📂 Fiction 📅 2015 🏛 General Press 🌐 English ⚖ 55 B 👁 1 views

रमज़ान के पूरे तीस रोज़ों के बाद ईद आई है। कितना मनोहर, कितना सुहावना प्रभात है। वृक्षों पर कुछ अजीब हरियाली है, खेतों में कुछ अजीब रौनक है, आसमान पर कुछ अजीब लालिमा है। आज का सूर्य देखो, कितना प्यारा, कितना शीतल है, मानो संसार को ईद की बधाई दे रहा है। गाँव में कितनी हलचल है। ईदगाह जाने की तैयारियाँ

माया: Maya (Marathi Edition)
✍ विक्रम भागवत, Vikram Bhagwat 📂 Fiction 📅 2020 🏛 Self Published 🌐 mr-IN ⚖ 92 KB 👁 1 views
Kaala Naag/काला नाग (Hindi Edition)
✍ पाठक, सुरेन्द्र मोहन 📂 Fiction 📅 2019 🏛 Penguin Random House India Private Limited 🌐 Hindi ⚖ 195 KB 👁 1 views

वह एक पुलिस अफ़सर था। एक थाने का थाना प्रभारी जो ज़ाती रंजिश के तहत अपने मातहत ऑफिसर के पीछे पड़ा हुआ था। उसके पंगेजी मिजाज़ का ये आलम था कि वो खुद को ‘काला नाग’ कहता था जिसका काटा पानी नहीं मांगता था ।