जयशंकर ने सत्तर लाख रूपये लूटने का एक मास्टर प्लान बनाया था । एक ऐसा प्लान जिसमें उसे कामयाबी की शत-प्रतिशत गारन्टी थी बस अगर कोई कमी थी तो एक पांचवे साथी की । बम्बई से भागकर मद्रास पहुंचा विमल जब जयशंकर से टकराया तो जैसे जयशंकर की मन की मुराद पूरी हो गयी और विमल ने फिर ना चाहते हुए भी खुद को एक जुर
Khoon Ke Aansoo (Vimal Book 14) (Hindi Edition)
✍ Scribed by Pathak, Surender Mohan
- Book ID
- 100445381
- Year
- 1984
- Tongue
- Hindi
- Weight
- 132 KB
- Series
- विमल #१४
- Edition
- 2020
- Category
- Fiction
- ASIN
- B084JFWD2B
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✦ Synopsis
एक ऐसी गाथा जिसका शब्दों में वर्णन असंभव है ।एक ऐसी गाथा जिसने सुरेन्द्र मोहन पाठक को हिंदी उपन्यासकारों का अविवादित सिरमोर बना दिया । बखिया पुराण का अंतिम अध्याय ।
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