फाकाकशी करते विमल को जब शान्ता ने एक आसरा, एक सहारा ऑफर किया तो विमल को लगा जैसे उसके अच्छे दिन वाले थे । लेकिन विमल नहीं जानता था कि शान्ता ने उसे आसरा नहीं दिया था बल्कि अपने लिये एक हथियार ढूंढा था । एक ऐसा हथियार जिसे चलाकर वो अपने सारे कष्ट दूर करना चाहती थी । अपनी सैलाब जैसी जिंदगी में ठहराव त
Maut Ke Munh Me (Vimal Book 25) (Hindi Edition)
✍ Scribed by Pathak, Surender Mohan
- Book ID
- 100446694
- Year
- 1995
- Tongue
- Hindi
- Weight
- 130 KB
- Series
- विमल #२५
- Category
- Fiction
- ASIN
- B085BBP2JP
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✦ Synopsis
जिसकी तकदीर पत्थर की कलम से लिखी गयी हो, जिसको उसका बनाने वाला कुत्ते जैसी दुरदुर करती जिंदगी जीने के काबिल समझता हो, उसका डार से बिछुड़ने के बाद मौत के मुंह में जाकर गिरना ही अपेक्षित था ।
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भाग्य की कैसी विडम्बना थी कि छः राज्यों में घोषित इश्तिहारी मुजरिम, कई हत्याओं के लिए जिम्मेदार विमल एक ऐसे अपराध की एवज में पकड़ा गया था जो उसने किया नहीं था ।
परोपकार की भावना ने ना केवल विमल की जिंदगी का दुर्लभ ठहराव छीन लिया था बल्कि उसे जिंदगी के एक ऐसे मोड़ पे ला खड़ा किया था जहाँ से हर रास्ता मौत की तरफ जाता था ।
एक ऐसी गाथा जिसका शब्दों में वर्णन असंभव है । एक ऐसी गाथा जिसने सुरेन्द्र मोहन पाठक को हिंदी उपन्यासकारों का अविवादित सिरमोर बना दिया । बखिया पुराण का दूसरा अध्याय ।
एक ऐसी गाथा जिसका शब्दों में वर्णन असंभव है ।एक ऐसी गाथा जिसने सुरेन्द्र मोहन पाठक को हिंदी उपन्यासकारों का अविवादित सिरमोर बना दिया । बखिया पुराण का अंतिम अध्याय ।