एक तेज भागती कार जब एक पद से जा टकराई तो ड्राइवर का तो बाल भी ना बांका हुआ लेकिन उसकी बगल में बैठे आदमी ने वहीं दम तोड़ दिया ! एक रहस्यपूर्ण एक्सीडैंट की रोमांचक दास्तान ।
सिंगल शाॅट (सुनील 57)
✍ Scribed by पाठक, सुरेन्द्र_मोहन
- Book ID
- 110577836
- Year
- 1975
- Tongue
- Hindi
- Weight
- 61 KB
- Series
- सुनील #५७
- Category
- Fiction
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✦ Synopsis
नागपाल साहब की मौत के बाद उनकी मिलकियत कम्पनी के शेयर, उनकी दो बेटियों में बंट गए तो उनको कब्जाने के लिये लोगों में जैसे होड़ लग गयी । एक प्रतिद्वंद्वी तो शेयरों के साथ-साथ उनकी एक मालकिन को भी कब्जाने के सपने देखता था
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