शहर के गैंगस्टर से सुनील की भिड़ंत की कहानी जिसमें उन्होंने सुनील को ऐसी चाल में फंसाया कि उसको पसीने आ गए ।
खून का खेल (सुनील 62)
✍ Scribed by पाठक, सुरेन्द्र_मोहन
- Book ID
- 110577999
- Year
- 1976
- Tongue
- Hindi
- Weight
- 99 KB
- Series
- सुनील #६२
- Category
- Fiction
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✦ Synopsis
गिरधारीलाल की खूबसूरत, जवान बीवी का मानना था कि उसके पति को जुये के खेल में ठगा जा रहा था । मदद के लिये आगे आये सुनील की टांग उस मामले में ऐसी फंसी कि साधारण जुए का खेल खून का खेल बन गया ।
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घटना के समय एक नौजवान लड़की कोठी से भागती देखी गयी । पुलिस के अनुसार हत्यारी वही युवती थी लेकिन केवल सुनील जानता था कि उस युवती के अलावा एक अन्य औरत भी वहां मौजूद थी जिसकी चीखों से कि कोठी गूंज उठी थी ।
हर कातिल की कोशिश होती है कि उसे कत्ल करते हुए कोई ना देख पाये । लेकिन इस कत्ल को स्टेडियम में बैठे हजारों दर्शकों ने देखा था जिनमें कि सुनील भी शामिल था ! लेकिन फिर भी किसी को नहीं मालूम था का कि कत्ल किसने किया था ?
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