विमल का संकल्प था कि दिल्ली जा कर बीवी-बच्चे के साथ एक साधारण ग्रहस्थ बन कर रहेगा, अपने हाहाकारी अतीत को हमेशा के लिए भुला देगा, लेकिन दो महीने बाद ही तूफ़ान से पहले की शांति की तरह एक रोज ऐसा अंधड़ उठा के वो उसके साथ तिनके की तरह उड़ता चला गया और जब होश आया तो खुद को वहां पाया जहाँ न होने का उसका संकल
Jauhar Jwala (Hindi Edition)
✍ Scribed by Pathak, Surender Mohan
- Publisher
- HarperCollins Publishers India
- Year
- 1999
- Tongue
- Hindi
- Weight
- 221 KB
- Series
- विमल #३२
- Category
- Fiction
- ISBN
- 9351776301
- ASIN
- B01EFX1F9M
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✦ Synopsis
जौहर ज्वाला किसी को भस्म कर देती है तो किसी के लिए ओस की बूंद बन जाती, तो कोई उसमें से कुंदन बन के निकलता है ।
सोहल पर क्या बीती ?
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