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Jahaj Ka Panchhi (Vimal Book 21) (Hindi Edition)

✍ Scribed by Pathak, Surender Mohan


Year
1992
Tongue
Hindi
Weight
161 KB
Series
विमल #२१
Category
Fiction
ASIN
B0859TRCHV

No coin nor oath required. For personal study only.

✦ Synopsis


एक पीड़ित लड़की की हमलावर बांह की फरियाद सुनकर विमल निर्लिप्त ना रह पाया । शीघ्र ही उसने खुद को जहाज के पंछी की भांति अपनी गुनाह से पिरोई जिंदगी के रूबरू पाया ।


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