बदकिस्मती से कुछ बदमाशों की एक कत्ल को एक्सीडेंट का रूप देने की करतूत का सुनील चश्मदीद गवाह बन गया । अब उनको अपनी और अपने बॉस की सलामती सिर्फ इसी बात में नजर आती थी कि वे सुनील को रास्ते से हटा पाते !
Ek Khoon Aur (Sunil Book 44) (Hindi Edition)
✍ Scribed by Pathak, Surender Mohan
- Book ID
- 110577932
- Year
- 1972
- Tongue
- Hindi
- Weight
- 52 KB
- Series
- सुनील #४४
- Category
- Fiction
- ASIN
- B081TM2VWV
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✦ Synopsis
एक अजीबोगरीब वसीयत द्वारा छोड़ी गयी विरासत को जब उसके वारिस ने काबू में करने की कोशिश की तो एक के बाद एक कत्ल होने शुरू हो गये । आखिर कौन था वो कातिल जिसका कि मूल मन्त्र था एक खून और, एक खून और !
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