वो एक मामूली-सा एक्सीडेंट था जिसमें बीमा कम्पनी हरजाना तक भरने को तैयार थी । लेकिन फिर सुनील की उस मामले में ऐसी टांग उलझी कि वो मामूली-सा मामला रहस्य और पेचीदियों का घर बन गया ।
Hatyare (Sunil Book 11) (Hindi Edition)
✍ Scribed by Pathak, Surender Mohan
- Book ID
- 110578253
- Year
- 1966
- Tongue
- Hindi
- Weight
- 61 KB
- Series
- सुनील #११
- Category
- Fiction
- ASIN
- B07R9J8CW1
No coin nor oath required. For personal study only.
✦ Synopsis
चार लुटेरे अपनी योजना हर कदम पर आती कठिनाइयों के बावजूद माल लूटने में कामयाब हो तो गए । लेकिन फिर उनकी लूट की खीर में ब्लास्ट के रिपोर्टर सुनील चक्रवर्ती के रूप में जैसे मक्खी पड़ गई !
📜 SIMILAR VOLUMES
कहते हैं अपराध कभी फल नहीं देता । कानून के लम्बे हाथ अपराधी को पहले ही गिरफ्त में ले लेते हैं । क्या इस बार भी ऐसा ही हुआ और अपराधी पकड़ा गया ? क्या वो अपराधी सफल हो पाया ?
एक शाही मेहमान, अतुलनीय और असीमित सुरक्षा प्रबंधों के बावजूद गायब पाया गया । और सुनील के लिये भारी शर्मिंदगी की बात ये थी कि जो कुछ भी घटित हुआ था उसकी नाक के नीचे हुआ था ।
रत्नप्रकाश एक कॉन्फ्रेंस से लौटा तो उसके साथ एक सुन्दरी थी जिसे वो अपनी बताता था । और अब उसकी सैक्रेटरी नीला का दावा था कि रत्नप्रकाश ने न केवल उसे धोखा दिया था बल्कि वो खुद भी किसी धोखे का शिकार हो गया था ।
अपनी झगड़ालू और कर्कशा बीवी से तंग आकर किसी नौजवान लड़की के साथ घर से भागे ईश्वरलाल ने दस साल बाद फोन पर प्रकट होकर जिन लोगों से मिलने की इच्छा जाहिर की थी उनमें से ब्लास्ट का रिपोर्टर सुनील भी एक था ।
एक कीमती नैकलेस खो जाने जैसी साधारण प्रतीत होने वाली घटना में जब ब्लास्ट के रिपोर्टर सुनील की टांग जा फंसी तो घटनाक्रम ने कुछ ऐसा मोड़ लिया कि नैकलेस की मालकिन के पूरे परिवार की जिंदगी में जैसे भूचाल आ गया ।