लोग कहते थे की वह अपनी बीवी के नशे में रहता है । सच था भी यही । बीवी को एक नेकलेस से नवाजने के लिए उसने एक हत्या कर दी और उस हत्या के जुर्म में उसकी बीवी ही पकड़ी गई । अब वह साबित करना चाहता था कि हत्या उसकी बीवी ने नहीं बल्कि उसी ने की है मगर यह बात वह साबित नहीं कर पा रहा था ।
विनाश के बादल
✍ Scribed by सुरेंद्र मोहन पाठक
- Book ID
- 110578145
- Year
- 1970
- Tongue
- Hindi
- Weight
- 10 MB
- Series
- सुनील #३२
- Category
- Fiction
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✦ Synopsis
एक नौजवान को संकट से बचाने के चक्कर में सुनील खुद मुसीबत में फंस गया । फिर जैसे-जैसे सुनील ने खुद को संकट से उबारने की कोशिश की, उसे महसूस होता गया कि इस संकट के बादल केवल उस पर ही नहीं अपितु पूरे देश पर मंडरा रहे थे ।
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