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शून्यांतल्यान शून्याकडेन (Shunyantalyan Shunyakaden): (कोकणी कवितां झेलो)
✍ Scribed by नीला तेलंग (Neela Telang)
- Book ID
- 110707685
- Publisher
- गोवा कोंकणी अकादमी 'साहित्य प्रभा' अंतर्गत, गोवा
- Year
- 2022
- Tongue
- Marathi
- Weight
- 10 KB
- Category
- Fiction
- ASIN
- B09R1221GB
No coin nor oath required. For personal study only.
✦ Synopsis
नीला तेलंग यांचा शून्यांतल्यान शून्याकडेन या दुसऱ्या कविता संग्रहात आपल्याला त्यांच्या मनाचा ठाव घेणाऱ्या, मन पल्लवित करणाऱ्या गोष्टींचा आढावा घेतलेला दिसतो. प्रथमतः कोकणी भाषा स्वतःतच एक गोडवा घेऊन जन्माला आलेली आहे. त्या कोकणी भाषेत नीलाताईंनी आपला स्वतःचा गोडवा टाकून कविता अजूनच रसाळ तसेच अर्थपूर्ण केली आहे. मला कविता सुचते ती लिहिते तेव्हा मनात थोडी धकधक असते पण ती तुम्हाला जेव्हा आवडते तेव्हाच माझी खरी जीत असंही त्या म्हणतात. या कोकणी मातीतल्या कविता आतून आलेल्या आहेत ज्या आपल्याला त्यांच्या गोड भाषेने साद घालत आहेत. शून्यांतल्यान शून्याकडेन हा त्यांचा स्वतःचा प्रवास आणि नक्कीच आवडतील अशा नीला तेलंग यांच्या कविता आपण आवर्जून वाचूयात.
In Neela Telang's second collection of poems, From Zero to Zero, we see a review of the things that touched her heart. First of all, the Konkani language itself is born with a sweetness. In that Konkani language, Neelatai has added her own sweetness and made the poem even more juicy and meaningful. I feel a little overwhelmed when she writes poems, but she also says that my real victory is only when you like it. These Konkani poems coming from the poet's heart are calling us in their sweet language. From zero to zero (Shunyantalyan Shunyakaden) is her own life journey and it deserves the attention of the readers.
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