एक साधारण चोरी की वारदात के तार एक कत्ल से ऐसे जुड़े कि कीर्ति के हवास खो गए । जब उसके अपने परिवार ने भी उस पर विश्वास ना किया तो उसे सुनील सिर्फ का ही आसरा था ।
ट्रेन में लाश
✍ Scribed by सुरेंद्र मोहन पाठक
- Book ID
- 110578205
- Tongue
- Hindi
- Weight
- 2 MB
- Series
- लघु कथा संग्रह ०२
- Category
- Fiction
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