चार लुटेरे अपनी योजना हर कदम पर आती कठिनाइयों के बावजूद माल लूटने में कामयाब हो तो गए । लेकिन फिर उनकी लूट की खीर में ब्लास्ट के रिपोर्टर सुनील चक्रवर्ती के रूप में जैसे मक्खी पड़ गई !
Vikshipt Hatyara (Sunil Book 30) (Hindi Edition)
✍ Scribed by Pathak, Surender Mohan
- Book ID
- 110578169
- Year
- 1970
- Tongue
- Hindi
- Weight
- 68 KB
- Series
- सुनील #३०
- Category
- Fiction
- ASIN
- B07WBZSVF8
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✦ Synopsis
क्या किसी ऐसी युवती को सही राह पर चलने के लिये प्रेरित किया जा सकता था, जिसने कि गुमराह होने की कसम खाई हुई थी । ऐसी युवती की दिलोजान की जीनत बने विक्षिप्त हत्यारे ने क्या गुल खिलाया ?
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वो एक मामूली-सा एक्सीडेंट था जिसमें बीमा कम्पनी हरजाना तक भरने को तैयार थी । लेकिन फिर सुनील की उस मामले में ऐसी टांग उलझी कि वो मामूली-सा मामला रहस्य और पेचीदियों का घर बन गया ।
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