कहते हैं अपराध कभी फल नहीं देता । कानून के लम्बे हाथ अपराधी को पहले ही गिरफ्त में ले लेते हैं । क्या इस बार भी ऐसा ही हुआ और अपराधी पकड़ा गया ? क्या वो अपराधी सफल हो पाया ?
Darpok Apradhi (Sunil Book 27) (Hindi Edition)
✍ Scribed by Pathak, Surender Mohan
- Book ID
- 110578389
- Year
- 1969
- Tongue
- Hindi
- Weight
- 56 KB
- Series
- सुनील #२७
- Category
- Fiction
- ASIN
- B07W812NJS
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✦ Synopsis
वो एक ब्लैकमेलर था जो अपनी इस कारगुजारी को गुनाह नहीं अपितु ‘व्यवसाय’ मानता था । और फिर एक रात जब उस ‘व्यवसायी’ के घर डाका पड़ा तो ब्लैकमेलर के खुद ब्लैकमेल होने की नौबत आ गयी ।
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