पल्लव, प्रेम के
✍ Scribed by Surjeet Kumar
- Book ID
- 110770523
- Publisher
- Surjeet Kumar
- Year
- 2022
- Tongue
- Hindi
- Weight
- 91 KB
- Category
- Fiction
- ISBN-13
- 9781005894757
- ASIN
- B09Z8J87JW
No coin nor oath required. For personal study only.
✦ Synopsis
प्रेम वो शाश्वत विषय है जिसे, जितना पढ़ा जाए, जितना लिखा जाए, जितना समझा जाए, जितना समझाया जाए, जितना जाना जाए, कम ही लगता है। इसे किसी ने कच्चा धागा कहा, तो किसी ने मजबूत डोर, किसी ने प्रेम को ईश्वर कहा, तो किसी ने अल्लाह का रूप, कोई इसे अपने प्रेमी मे देखता है, तो कोई स्वयं के भीतर। कहा जाता है, "प्रेम को जानने के लिए प्यार मे पड़ना जरूरी है।" मेरे विचार में प्रेम उस पवित्र पल्लव की तरह है, जो जीवन रूपी कलश के मस्तक पर सदैव शोभायमान रहता है। प्रस्तुत पुस्तक के माध्यम से प्रेम के अलग-अलग रूपों, चरणों और रोमांच को कविताओं मे समेत कर आप तक पहुँचने का प्रयास कर रहा हूँ।
📜 SIMILAR VOLUMES
एक साधारण चोरी की वारदात के तार एक कत्ल से ऐसे जुड़े कि कीर्ति के हवास खो गए । जब उसके अपने परिवार ने भी उस पर विश्वास ना किया तो उसे सुनील सिर्फ का ही आसरा था ।
वो हालात की भंवर मे फँसा एक मासूम इंसान था. जिसे जिंदगी की चाहत से ज़्यादा अपनो की फ़िक्र थी और जब अपनो पर आने वाली मुसीबत की उसने कल्पना की तो उसे उन्हे बचाने की सिर्फ़ एक ही राह नज़र आई और उसने दे दी.... अपने कत्ल की सुपारी
डॉक्टर चन्द्रशेखरन ने एक बहुत ही महत्वपूर्ण एटॉमिक शस्त्र का आविष्कार किया था । लेकिन फिर एक दिन रहस्यपूर्ण हालातों में डॉक्टर का उनके शस्त्र समेत अपहरण कर लिया गया ! आखिर कौन था इस अपहरण के पीछे ?