Main Mrityu Sikhata Hu
✍ Scribed by Osho
- Tongue
- Hindi
- Leaves
- 294
- Series
- Tantra
- Category
- Library
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✦ Table of Contents
आयोजित मृत्यु अर्थात ध्यान और समाधि के प्रायोगिक रहस्य
आध्यात्मिक विश्व आंदोलन--ताकि कुछ व्यक्ति प्रबुद्ध हो सकें
जीवन के मंदिर में द्वार है मृत्यु का
सजग मृत्यु और जाति-स्मरण के रहस्यों में प्रवेश
स्व है द्वार--सर्व का
निद्रा, स्वप्न, सम्मोहन और मूर्च्छा से जागृति की ओर
मूर्च्छा में मृत्यु है और जागृति में जीवन
विचार नहीं, वरन मृत्यु के तथ्य का दर्शन
मैं मृत्यु सिखाता हूं
अंधकार से आलोक और मूर्च्छा से परम जागरण की ओर
संकल्पवान--हो जाता है आत्मवान
नाटकीय जीवन के प्रति साक्षी चेतना का जागरण
सूक्ष्म शरीर, ध्यान-साधना एवं तंत्र-साधना के कुछ गुप्त आयाम
धर्म की महायात्रा में स्वयं को दांव पर लगाने का साहस
संकल्प से साक्षी और साक्षी से आगे तथाता की परम उपलब्धि
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