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Jaa Ke Bairi Sanmukh Jeevay (Hindi Edition)

✍ Scribed by PATHAK, SURENDRA MOHAN


Book ID
100445799
Publisher
Penguin Random House India Private Limited
Year
2019
Tongue
Hindi
Weight
266 KB
Series
विमल #४४
Category
Fiction
ISBN-13
9789353495862
ASIN
B07ZKQHDS2

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✦ Synopsis


वाहेगुरु के खालसा, गुरां दे सिंह, सोहल की अपने दुश्मनों को ललकार: 'मैं वाहेगुरु जी का खालसा हूं। मैं गुरां दा सिंह हूं। मैं बादलों की तरह गरजूंगा और उतनी ही बुलंद आवाज में अपना क़हर दुश्मनों पर नाजिल करूंगा। मेरी ललकार बैरियों का वजूद थरथरा देगी। मेरी चीत्कार शोले बनकर उनकी औकात पर बरसेगी।''